Google+ Followers

Google+ Followers

Monday, November 14, 2011

कशमकश

कुछ लोग हम से अक्सर मिल कर बिछड़ जाते है!
कुछ रिश्ते बनते तो है वोह मगर बिगड़ जाते  है!!

जब मिलते है वो फ़कत रातों की नींदें उड़ा देते है,
जब बिछड़ने है तो अक्सर घर भी उजड़ जाते है !!

पास रहते है तो हमे बस अपना सा बना लेते है,
जुदा होते है तो दिल के सब चैन भी उड़ जाते है!!

शायद कभी वो जिंदगी में फिर आयें या ना आयें,
अकेले में उन की यादों के समन्दर उमड जाते है !!
 
कितना होता है दर्द,  प्यार की इस कशमकश में,
खुशकिस्मत है फिर भी वो जो इश्क में पड़ जाते है!!

2 comments:

दिगम्बर नासवा said...

शायद कभी वो जिंदगी में फिर आयें या ना आयें,
अकेले में उन की यादों के समन्दर उमड जाते है ..

भुत खूब ... लाजवाब शेर है ...सच है की अकेले में बस वो ही याद आते हैं ..

Reena Maurya said...

बहुत ही सुन्दर
दिल को छू लेनेवाली रचना है..
शानदार रचना..

Copyright !

Enjoy these poems.......... COPYRIGHT © 2008. The blog author holds the copyright over all the blog posts, in this blog. Republishing in ROMAN or translating my works without permission is not permitted.