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Wednesday, April 6, 2011

क्या हुआ..?

मेरे मन यह  बता तुझे क्या हुआ..?
क्यों है गमों के समन्दर में डूबा हुआ?

तुम तो सदा से हो मेरे ख्यालों में,
मैं परेशान हूँ बस अपने सवालों से,
दिल पे कैसा गुबार हैं जमा हुआ?
मेरे मन  यह  बता तुझे क्या हुआ..?

तुम हंसती थी तो मन मचलता था,
सपनों की दुनिया में दिल टहलता था,
अब मन क्यों है  यादों से डरा हुआ?
मेरे मन  यह  बता तुझे क्या हुआ..?

तुम्हारे आने से खुशबू सी छा जाती थी,
तुम्हारी बाते मेरे मन को भा जाती थी,
क्यों बीती बातों से दिल है भरा हुआ? 
मेरे मन  यह  बता तुझे क्या हुआ..?

तुम मेरे पास नहीं कहीं बहुत दूर हो,
अपने हालातों से शायद  मजबूर हो,
मैं क्यों हूँ इस कशमकश में फंसा हुआ !
मेरे मन  यह  बता तुझे क्या हुआ..?

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