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Wednesday, January 6, 2010

मंजिल दूर तो है लेकिन

सभी ब्लागरों को नव वर्ष की हार्दिक शुभ कामनाएं !!
इस अवसर पर पेश है एक नयी ग़ज़ल, उम्मीद करता हूँ आप सब को ज़रूर पसंद आएगी: 

मंजिल दूर तो है लेकिन, तुम हिम्मत कर के चलो!!
राह मुश्किल हों तो हों, तुम प्यार के रंग भर के चलो!!

जिंदगी तो सुलगती रहती है सदा कशमकश में मगर,
रोज़मर्रा की ज़दोजहद से तुम निकल उभर के चलो!!

कभी समझेगा कोई तेरी उलझनों के तानो-बानो को,
तुम इस ख्याल को अपने ज़ेहन से अलग कर के चलो!!

सुना करते थे  के जिंदगी को जिंदादिली का नाम है,
सो तुम सीना तान के जूझो और हों निडर के चलो !!

ग़मों के अंधेरों में उम्मीदों का दिया जलाये रखना,
भूल के कल की बीती बातें, आज को बना संवर के चलो!!

11 comments:

श्यामल सुमन said...

ग़मों के अंधेरों में भी उम्मीदों का दिया जलाये रखना,
भूल के कल की बातें आज को बना संवर के चलो !!

अच्छे भाव की पंक्तियाँ। कहते हैं कि-

जो बीता कल क्या होगा कल
है इस कारण तू व्यर्थ विकल
आह अगर तू सफल बना ले
आज सपल तो जनम सफल

सादर
श्यामल सुमन
09955373288
www.manoramsuman.blogspot.com

Udan Tashtari said...

हम्मत शायद हिम्मत होना था क्या..

बहुत उम्दा भाव हैं, बधाई.

आशु said...

श्यामल जी व समीर जी,

होंसला बढाने के लिए आप का बहुत बहुत शुक्रिया. श्यामल जी आप की share की हुई लाईने
बहुत सुन्दर लगी. समीर भाई गलती सुधारने के लिए बहुत बहुत शुक्रिया

आशु

वाणी गीत said...

जिंदगी जिन्दादिली का ही तो नाम है ....
नव वर्ष की बहुत शुभकामनायें ...!!

दिगम्बर नासवा said...

सुना करते थे के जिंदगी को जिंदादिली का नाम है,
सो तुम सीना तान के जूझो और हों निडर के चलो

ग़मों के अंधेरों में उम्मीदों का दिया जलाये रखना,
भूल के कल बीती बातें, आज को बना संवर के चलो

बहुत जिन्ददिल शेर कहे हैं आपने ........... बेहद खूबसूरत .........

निर्मला कपिला said...

बहुत सुन्दर सकारात्मक कविता शुभकामनायें

shikha varshney said...

ग़मों के अंधेरों में उम्मीदों का दिया जलाये रखना,
भूल के कल बीती बातें, आज को बना संवर के चलो!

bahut khubsurat jindgi se bhari rachna.

psingh said...

बहु खूब सुन्दर रचना
बहुत बहत आभार

आशु said...

वाणी जी, दिगंबर जी, निर्मल जी, शिखा जी और पी. सिंह जी ,

आप के स्नेह भरे भरे होंसला बढाने वाले शब्दों के लिया आप का बहुत आभारी हूँ. आप अपना यह प्यार इसी तरह से बनाये रखे.

बहुत बहुत शुक्रिया

आशु

संजय भास्कर said...

बहुत उम्दा भाव हैं, बधाई.

Apanatva said...

Bahut sunder bhav !

Copyright !

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