Google+ Followers

Google+ Followers

Friday, May 16, 2008

तुम से जुदा हो कर!

हाल से बेहाल हो गए तुम से जुदा हो कर !
बेखुदी में बेखयाल हो गए तुम से जुदा हो कर!

मेरे गम्खार मेरे साथ रहे कुछ कदम तक,
मिलने को भी मोहाल हो गए तुम से जुदा हो कर!

किस को इल्जाम दे हम अपने रंझो-गम का
हँसे अब कई साल हो गए तुम से जुदा हो कर!

2 comments:

Mrs. Asha Joglekar said...

बढिया नज्म ।

Ashoo said...

Asha Ji,

aap ka bahu bahut shukriya..aise hee hamari honsla afzayee karti rahe to meri koshish jari rahegi..

Ashoo

Copyright !

Enjoy these poems.......... COPYRIGHT © 2008. The blog author holds the copyright over all the blog posts, in this blog. Republishing in ROMAN or translating my works without permission is not permitted.