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Monday, May 12, 2008

तेरी याद

इस दिल में वसी तेरी सूरत भुलाई नहीं जाती!
तुझे देखता हूँ तो पलके गिराई नहीं जाती !

आ आ के तेरी याद ने दीवाना कर दिया है
जो दिल में लगी है आग बुझाई नहीं जाती !

अक्सर तेरे ख़यालात मैं इस कदर खो गया हूँ,
महीनों मेरे लबों पे हँसी पायी नहीं जाती !

इतना हुआ है ज़ख्मी जिगर तेरे हिजर में
उसकी हालत जो दिखाऊँ तो दिखाई नहीं जाती !

क्या हुआ अगर तुम ने मुझ से ज़फा की है
हर किसी से तो वफ़ा भी निभाई नहीं जाती !

मेरे गम्खार अक्सर कहते है के ऐ 'आशू'
दुनिया अपनी किसी के लिए लुटाई नही जाती !

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